प्रकाशित कहानी 'सीलन'

संपादक का धन्यवाद...
http://www.sarita.in/story/seelan

कोई भीड़ नहीं, ना हीं कोई कारवाँ, धीमी गति से अग्रसर हूँ...कदम दर कदम😊😊...कहानी लेखन के लिए जिसने ज़ोर दिया था, प्रेरित किया था, अचानक गायब... सोची थी अब लिख नहीं पाऊँगी कभी, लेकिन लेखन अब भी जारी है.. ये कहानी प्रकाशन में भेजने के बाद भूल ही गई थी... अचानक एक दिन पता चला कि सरिता में ये कहानी प्रकाशित हो चुकी है...

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