रक्तिम आस्मां और फिजां खामोश तूफ़ान की तेज़ी से सहमा है चमन बादलों ने खेली है खून की होली। ..............प्रियम्बरा © 2008-09 सर्वाधिकार सुरक्षित!
चाहे सोने के फ्रेम में जड़ दो, आईना झूठ बोलता ही नहीं ---- ‘नूर’
चाहे सोने के फ्रेम में जड़ दो, आईना झूठ बोलता ही नहीं ---- ‘नूर’