Monday, April 13, 2015

यूँ हीं ....













1. 
लफ्ज़

चंद अंगारे जैसे लफ्ज़,
फेंक दिया मेरी रूह पर,
झुलस गयी ख्वाहिशें लेकिन-
ज़िंदा है अब भी मेरा इश्क़
सहमा-सा ही सही !!


2.
कमीज

एक पीली -सी कमीज थी
तुम पर बेहद जंचती थी
आयरन करते हुए उस दिन, 
उसका कॉलर जल गया था,
कुछ कहा नहीं था मैंने,लेकिन, 
बहुत कुछ खो दिया था -

कल वैसी ही कमीज 
किसी और ने पहनी थी
लगा कि तुम हो  !!



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