फ़ासले (त्रिवेणी )












एक दूरी  सी बन जाए दरम्यान तो अच्छा है
पलकों पे सिमट जाए हर ख्वाब तो अच्छा है.

हर बार फ़ासले बांझ नही हुआ करते.



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