कहानी 'समानांतर' का प्रकाशन

http://www.grihshobha.in/parallel-1998

आज ये कहानी भी मिल गई, जिसने मेरे अंदर ये आत्मविश्वास जगाया कि मेरा लिखा प्रकाशन योग्य है...प्रथम कहानी जिसके प्रकाशन पर मेहनताना भी मिला था....संपादक को धन्यवाद....😊😊


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