Tuesday, February 28, 2017

प्रेम का रंग



















सेमल की लालिमा 
बिखर गयी है
इस जानिब
टेसू भी दहकने लगे होंगे
तुम्हारी तरफ

सुनो,
थोड़े से फूल मसल देना कागजों पर
शब्दों में ताज़गी आ जाएगी।
मुट्ठी भर टेसू बिखेर देना हवाओं में
नफरत के रंग धूमिल पड़ जाएंगे ।
और हाँ, थोड़े फूल बचा लेना अपने लिए
खुश रहने की वजह मिल जाएगी।

टेसू के फूल अब मेरा इंतज़ार कभी नहीं करेंगे !





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