Wednesday, November 26, 2014

आँखें (चंद हाइकु )











बेरंग जहां
रोशन कर गया
आँखों का दान
-----------
जागती आँखें
चाँद पाने की ज़िद
उंघते ख्वाब
------------
छलके शब्द
नैन करे संवाद
एक लौ दिखी
------------
चार थे नैना
चश्मा घर में छूटा
सब धुंधला
-----------
राज़ खोल दी
दिल में दफ़न था
आँखें बोल दी
-----------
सीमा से परे
उड़ने को तत्पर
नैन परिंदे
------------
जूझते रहे
आँखों ने सिखाया था
शूल हैं फूल


© 2008-09 सर्वाधिकार सुरक्षित!

Tuesday, November 25, 2014

इश्क़ की फुहारें (हाइकु )











इश्क़ बरसा
भीग रहे हैं सब
बदली फ़िज़ां
---------
अमृत रस
शबनमी सुकून
इश्क़ का नूर
---------
इश्क़ तिलस्म
सूझे ना कोई तोड़
सब उलझे
---------
चाँद-चकोर
इश्क़ की हसरत
वस्ल की प्यास
----------
इश्क़ मुअम्मा
सुलझ नहीं पाए
दिल समझे
----------
सुधा-सलिल
इश्क़ में भीगी मही
वसंत आया
----------
इश्क़ की सजा
पाँव लहुलूहान
मौत की ख़ुशी
-----------
नन्हा दीपक
इश्क़ में जला करे
खुशियाँ भरे
 ------------

© 2008-09 सर्वाधिकार सुरक्षित!