तूफ़ान ( त्रिवेणी )

















रक्तिम आस्मां और फिजां खामोश
तूफ़ान की तेज़ी से सहमा है चमन

बादलों ने खेली है खून की होली। 

..............प्रियम्बरा

© 2008-09 सर्वाधिकार सुरक्षित! 

Comments

Popular posts from this blog

मनुष्य एक सामाजिक नहीं सामूहिक प्राणी है!

महिला दिवस और एक सशक्त महिला

‘आई ऍम फैन युसु’