Monday, August 11, 2014

सवेरा (हाइगा)

















कोयल कूकी रश्मि खिलखिलाई अन्धेरा छँटा 


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2 comments:

jyoti khare said...

वाह बहुत खूब---

आग्रह है- मेरे ब्लॉग में भी सम्मलित हों
हम बेमतलब क्यों डर रहें हैं ----

Priyambara Buxi said...

शुक्रिया...

अनंत चतुर्दशी-संस्मरण

का मथS तार... क्षीर समुद्र...का खोजS तार...अनंत भगवान... मिललें... ना। यूँ तो हमारे घर में पूजा पाठ ज़्यादा नहीं हुआ करता था। 'बाबा-अ...