परछाईयाँ (हाइगा)















परछाईयाँ साथ नहीं छोड़तीं उजाले तक 



© 2008-09 सर्वाधिकार सुरक्षित!

Comments

jyoti khare said…

बहुत सुन्दर----

Priyambara Buxi said…
शुक्रिया सर

Popular posts from this blog

मनुष्य एक सामाजिक नहीं सामूहिक प्राणी है!

महिला दिवस और एक सशक्त महिला

‘आई ऍम फैन युसु’