Friday, December 27, 2013

अह्सास ( लघु कथा 2)




तुमने जो बोरोलिन का ट्यूब दिया था... बहुत सम्हाल कर रखी थी मै. उसके साथ ही एहसास हुआ था तुम्हारे प्यार का...ये भी एहसास हुआ था कि तुम्हे मेरी कितनी परवाह है. सुनो... बोरोलिन का ट्यूब खत्म होने को है...क्या तुम्हारा प्यार भी ?

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3 comments:

Siddharth Vallabh said...

A healthy cook can eat healthy meal.

teetooraj said...

Excellent. Shows your capabilities as a writer.

teetooraj said...

Booking kind tube is an excellent expression.I think the writter has been able to create an emotional feel when we go through these few words.

अनंत चतुर्दशी-संस्मरण

का मथS तार... क्षीर समुद्र...का खोजS तार...अनंत भगवान... मिललें... ना। यूँ तो हमारे घर में पूजा पाठ ज़्यादा नहीं हुआ करता था। 'बाबा-अ...