आज और कल


देखते ही देखते
सरक गया
एक और पल
और आज बन गया कल।
नव वर्ष की सभी को बहुत बहुत बधाई।

Comments

Udan Tashtari said…
नव वर्ष की बहुत बधाई।
नूतनवर्षाभिनंदन
-विजय
lumarshahabadi said…
dekhate hi dekhte sab khana kha gaye,subah jaga to khana guh ban gaya

Popular posts from this blog

मनुष्य एक सामाजिक नहीं सामूहिक प्राणी है!

महिला दिवस और एक सशक्त महिला

‘आई ऍम फैन युसु’