Tuesday, January 13, 2009

आज और कल


देखते ही देखते
सरक गया
एक और पल
और आज बन गया कल।
नव वर्ष की सभी को बहुत बहुत बधाई।

3 comments:

Udan Tashtari said...

नव वर्ष की बहुत बधाई।

Dr. Vijay Tiwari "Kislay" said...

नूतनवर्षाभिनंदन
-विजय

lumarshahabadi said...

dekhate hi dekhte sab khana kha gaye,subah jaga to khana guh ban gaya

अनंत चतुर्दशी-संस्मरण

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