समय

सुनने की कोशिश करती हूँ
आने वाले समय की आहट
ताकि तैयार कर लूँ ख़ुद को
हर परिस्थिति के लिए।
लेकिन
समय आता है दबे पाँव और
पल भर में तबाह कर देता है।
जन्म,मृत्यु,सुख, दुःख,
सब समय हीं दिखलाता है ,
वह है मदारी और हमें
बन्दर की तरह नचाता है ।

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